MP/UP Divyang Pension Yojana 2026: 40 प्रतिशत दिव्यांगता होने के बाद भी कई लोग अब तक पेंशन से बाहर रह जाते थे, क्योंकि केंद्र की योजना में 80 प्रतिशत की शर्त थी। 14 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय कैबिनेट ने इस शर्त को घटाकर 40 प्रतिशत करने का फैसला किया है। उधर उत्तर प्रदेश में पेंशन ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,500 करने की तैयारी चल रही है, और मध्य प्रदेश में ई-केवाईसी के बिना पेंशन अटकने की शिकायतें आम हैं।
अगर आप मध्य प्रदेश या उत्तर प्रदेश के दिव्यांग नागरिक हैं, या अपने किसी परिवार के सदस्य के लिए पेंशन की जानकारी खोज रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए है। यहां आसान हिंदी में बताया गया है कि कौन सा नियम बदला है, कौन सा अभी सिर्फ प्रस्ताव है, पात्रता क्या है, कौन से कागज चाहिए और आवेदन कैसे करना है।
Divyang Pension Yojana क्या है और किसके लिए है
दिव्यांग पेंशन योजना एक सामाजिक सुरक्षा योजना है। इसमें पात्र दिव्यांग व्यक्ति को हर महीने तय रकम सीधे उसके बैंक खाते में भेजी जाती है। इसका मकसद रोजमर्रा के खर्च में थोड़ी मदद देना है।
इस योजना को समझने के लिए दो बातें जानना जरूरी है।
पहली बात, देश में दिव्यांग पेंशन दो स्तर पर चलती है। एक केंद्र सरकार की योजना है, जो अब तक इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के नाम से जानी जाती थी। दूसरी हर राज्य की अपनी पेंशन योजना है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश, दोनों की राज्य योजनाएं अलग हैं, इसलिए राशि, पात्रता और पोर्टल भी अलग हैं।
दूसरी बात, एक व्यक्ति को आमतौर पर एक ही सामाजिक पेंशन का लाभ मिलता है। उत्तर प्रदेश की योजना में साफ लिखा है कि जो लोग वृद्धावस्था, विधवा या समाजवादी पेंशन जैसी किसी दूसरी पेंशन का लाभ ले रहे हैं, वे पात्र नहीं माने जाएंगे।
केंद्र सरकार के नए नियम: 14 अक्टूबर 2026 का कैबिनेट फैसला
बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल के लिए जारी रखने की मंजूरी दी। इसके लिए ₹53,428 करोड़ का बजट रखा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक देशभर में करीब 3.2 करोड़ लोगों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है।
इसी फैसले में दिव्यांग पेंशन के नियम आसान करने की बात भी शामिल है। नीचे की तालिका में पुराने और नए नियम साफ देखिए।
| मुद्दा | पहले का नियम | कैबिनेट में मंजूर बदलाव |
|---|---|---|
| दिव्यांगता का स्तर | कम से कम 80 प्रतिशत | कम से कम 40 प्रतिशत |
| न्यूनतम उम्र | 18 वर्ष | कोई न्यूनतम उम्र नहीं, जन्म से पात्रता |
| 79 साल तक की उम्र में केंद्र की सहायता | ₹300 प्रति माह | ₹375 प्रति माह |
| 80 साल या अधिक उम्र में केंद्र की सहायता | ₹500 प्रति माह | ₹625 प्रति माह |
सरकार के मुताबिक यह बदलाव दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के हिसाब से किया गया है, जिसमें 40 प्रतिशत दिव्यांगता को एक अहम सीमा माना गया है। साथ ही दिव्यांगों को दूसरी समान योजनाओं के मुकाबले 25 प्रतिशत ज्यादा सहायता देने का प्रावधान है।
राज्य सरकारें अपनी तरफ से जो रकम जोड़ती हैं, वह इस केंद्र की सहायता से अलग होती है।
योजनाओं के नए नाम
कैबिनेट ने सिर्फ नियम ही नहीं, नाम भी बदलने का फैसला किया है। अब पोर्टल या खबरों में आपको नए नाम दिख सकते हैं, इसलिए इन्हें पहचान लें।
| पुराना नाम | नया नाम |
|---|---|
| राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम | प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना |
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना | प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना |
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना | प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना |
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना | प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना |
| राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना | प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना |
वृद्धावस्था और विधवा पेंशन की रकम और पात्रता में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
नए नियम कब से लागू होंगे और अभी क्या करें
यह सबसे जरूरी हिस्सा है। सरकार के मुताबिक दिव्यांग पेंशन के बदलावों को लागू करने के लिए अगले तीन महीने के भीतर नए दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। इनमें पेंशन की शर्तें, लाभार्थियों की संख्या और सहायता राशि की पूरी जानकारी होगी। उसके बाद ही नए नियम जमीन पर लागू होंगे।
इसका मतलब यह है कि आज की तारीख में 40 प्रतिशत वाले हर व्यक्ति के लिए केंद्र की योजना में नया आवेदन अपने आप शुरू नहीं हो गया है। राज्यों में पोर्टल और फॉर्म में बदलाव आने में भी समय लग सकता है।
अभी आप ये काम कर सकते हैं:
- अपना दिव्यांगता प्रमाणपत्र या UDID कार्ड तैयार रखें।
- आधार, बैंक खाता और मोबाइल नंबर आपस में जुड़े हुए रखें।
- अपने राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर नए निर्देश आने का इंतजार करें और केवल वहीं से आवेदन करें।
- जो राज्य की योजना में पहले से पात्र हैं, वे उसी में आवेदन करें, क्योंकि वह योजना चालू है।
UP Divyang Pension Yojana 2026: कितनी पेंशन मिलती है
उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग यह योजना चलाता है। सरकारी जानकारी के आधार पर पात्र दिव्यांग व्यक्ति को अभी ₹1,000 प्रति माह पेंशन मिलती है, जो पीएफएमएस प्रणाली के जरिए सीधे बैंक खाते में जाती है। कुछ पुरानी वेबसाइटों पर आज भी ₹500 लिखा मिलता है, जो पुरानी जानकारी है, क्योंकि 2017 के बाद यह रकम ₹500 से बढ़ाकर ₹1,000 की गई थी।
UP में पेंशन ₹1,500 होने की खबर का सच
अक्टूबर 2026 की खबरों के मुताबिक योगी सरकार वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,500 प्रति माह करने की तैयारी में है। इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है, लेकिन कैबिनेट की अंतिम मंजूरी बाकी है। रिपोर्ट्स में दिसंबर के संभावित अनुपूरक बजट में इसके लिए पैसे का प्रावधान होने की बात कही गई है।
अगर यह लागू होता है तो सालाना पेंशन ₹12,000 से बढ़कर ₹18,000 हो जाएगी। खबरों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजन पेंशन के करीब 12 लाख लाभार्थी हैं। लेकिन जब तक सरकारी आदेश जारी न हो, ₹1,500 को पक्का नहीं माना जा सकता, और यह भी तय नहीं है कि बढ़ी रकम किस तारीख से मिलेगी।
UP Divyang Pension की पात्रता
उत्तर प्रदेश की योजना के लिए विभाग की जानकारी में ये शर्तें दी गई हैं:
- आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी हो और राज्य में रहता हो।
- उम्र 18 वर्ष या उससे ज्यादा हो।
- दिव्यांगता कम से कम 40 प्रतिशत हो।
- पारिवारिक सालाना आय ग्रामीण क्षेत्र में ₹46,080 और शहरी क्षेत्र में ₹56,460 तक हो।
- आवेदक वृद्धावस्था, विधवा या समाजवादी जैसी कोई दूसरी पेंशन न ले रहा हो।
- राज्य के सरकारी संस्थान में मुफ्त भरण-पोषण न पा रहा हो।
आय की सीमा समय के साथ बदल सकती है, इसलिए आवेदन से पहले पोर्टल पर या अपने जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी से ताजा सीमा जरूर पूछ लें। पात्रता पर अंतिम फैसला जिला स्तर के अधिकारी का माना जाता है।
MP Divyang Pension Yojana 2026: राशि और पात्रता
मध्य प्रदेश में दिव्यांग पेंशन सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत दी जाती है। इसका संचालन सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग करता है और आवेदन समग्र आईडी से जुड़े सामाजिक सुरक्षा पेंशन पोर्टल के जरिए होते हैं।
राज्य के सामाजिक न्याय विभाग की वेबसाइट के अनुसार इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना में लाभार्थी को ₹600 प्रति माह मिलते हैं। इसमें ₹300 केंद्र का हिस्सा और ₹300 राज्य का हिस्सा होता है। इस योजना में उम्र 18 से 79 वर्ष, गरीबी रेखा से नीचे का परिवार और 80 प्रतिशत या ज्यादा दिव्यांगता की शर्त है।
कई सरकारी जानकारी वाले पोर्टल मध्य प्रदेश की निःशक्त पेंशन में भी ₹600 प्रति माह बताते हैं, जिसमें 18 साल या ज्यादा उम्र और 40 प्रतिशत या ज्यादा दिव्यांगता की शर्त दी गई है। चूंकि अलग अलग पेंशन श्रेणियों की शर्तें थोड़ी अलग हो सकती हैं, इसलिए आवेदन के समय पोर्टल पर अपनी श्रेणी की पात्रता जरूर जांच लें।
मध्य प्रदेश के लिए सामान्य पात्रता इस तरह है:
- आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी हो।
- उम्र 18 वर्ष या उससे ज्यादा हो।
- दिव्यांगता का मान्य प्रमाणपत्र हो।
- परिवार का नाम समग्र आईडी में दर्ज हो।
- गरीबी रेखा या तय आय सीमा की शर्त पूरी होती हो।
- किसी दूसरी सामाजिक पेंशन का लाभ न लिया जा रहा हो।
केंद्र के नए नियम आने के बाद मध्य प्रदेश में राशि या शर्त कैसे बदलेगी, यह राज्य सरकार के आदेश पर निर्भर करेगा। अभी इस बारे में कोई पक्की सरकारी घोषणा सामने नहीं आई है।
MP और UP की दिव्यांग पेंशन की तुलना
| बिंदु | उत्तर प्रदेश | मध्य प्रदेश |
|---|---|---|
| मासिक पेंशन | ₹1,000 (₹1,500 का प्रस्ताव, मंजूरी बाकी) | ₹600 |
| न्यूनतम दिव्यांगता | 40 प्रतिशत | 40 प्रतिशत (केंद्र वाली IGNDPS श्रेणी में 80 प्रतिशत) |
| न्यूनतम उम्र | 18 वर्ष | 18 वर्ष |
| आय की शर्त | ग्रामीण ₹46,080 और शहरी ₹56,460 सालाना | गरीबी रेखा या तय सीमा |
| आवेदन का पोर्टल | sspy-up.gov.in | socialsecurity.mp.gov.in |
| भुगतान | बैंक खाते में सीधे | बैंक खाते में सीधे (DBT) |
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
दोनों राज्यों में लगभग एक जैसे कागज मांगे जाते हैं। पोर्टल पर स्कैन कॉपी अपलोड करनी होती है, इसलिए पहले से साफ स्कैन तैयार रखें।
| दस्तावेज | क्यों जरूरी है |
|---|---|
| दिव्यांगता प्रमाणपत्र या UDID कार्ड | दिव्यांगता का प्रतिशत साबित करने के लिए |
| आधार कार्ड | पहचान और ई-केवाईसी के लिए |
| आय प्रमाणपत्र या BPL जानकारी | आय की शर्त जांचने के लिए |
| आयु प्रमाण (जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल प्रमाणपत्र आदि) | उम्र की शर्त के लिए |
| बैंक पासबुक की कॉपी | पेंशन सीधे खाते में भेजने के लिए |
| पासपोर्ट साइज फोटो | आवेदन फॉर्म में लगाने के लिए |
| निवास की जानकारी (राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर, समग्र आईडी) | स्थायी निवासी साबित करने के लिए |
UP में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
- मोबाइल या कंप्यूटर में आधिकारिक पोर्टल sspy-up.gov.in खोलें।
- दिव्यांग पेंशन का विकल्प चुनकर ऑनलाइन आवेदन पर क्लिक करें।
- नाम, पता, आधार और बैंक की सही जानकारी भरें।
- दिव्यांगता, आय और उम्र से जुड़े कागज अपलोड करें।
- फॉर्म जमा करें और मिलने वाला आवेदन नंबर संभालकर रखें।
- आवेदन की जांच जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी के स्तर पर होती है। मंजूरी के बाद पेंशन बैंक खाते में आनी शुरू होती है।
आप चाहें तो जन सेवा केंद्र, लोकवाणी केंद्र या CSC से भी फॉर्म भरवा सकते हैं। आवेदन के लिए सरकारी स्तर पर कोई शुल्क नहीं होता, इसलिए किसी से बड़ी रकम न दें।
MP में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
- सबसे पहले जांच लें कि आपके परिवार की समग्र आईडी बनी हुई है और आपका नाम उसमें सही दर्ज है।
- मध्य प्रदेश के सामाजिक सुरक्षा पेंशन पोर्टल socialsecurity.mp.gov.in पर जाएं।
- पेंशन योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन वाला विकल्प चुनें और दिव्यांग पेंशन की श्रेणी चुनें।
- समग्र आईडी या सदस्य आईडी से जानकारी भरें और दिव्यांगता प्रमाणपत्र समेत जरूरी कागज अपलोड करें।
- आवेदन जमा करके आवेदन क्रमांक सुरक्षित रखें।
- जांच और स्वीकृति के बाद पेंशन DBT के जरिए खाते में आती है।
दिव्यांगता प्रमाणपत्र और UDID कार्ड कैसे बनवाएं
पेंशन की पूरी प्रक्रिया इसी प्रमाणपत्र पर टिकी होती है। UDID यानी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी कार्ड केंद्र सरकार की ओर से दिव्यांगजनों के लिए बनाया जाता है। इसके लिए आधिकारिक पोर्टल swavlambancard.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। उसके बाद संबंधित अधिकारी या मेडिकल बोर्ड से सत्यापन होता है और कार्ड जारी किया जाता है।
पेंशन अटकने के आम कारण और ई-केवाईसी
कई बार आवेदन मंजूर होने के बाद भी पैसा नहीं आता। इसके आम कारण ये हैं:
- ई-केवाईसी पूरी न होना। मध्य प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए ई-केवाईसी जरूरी की गई है और खबरों में इसकी वजह से पेंशन अटकने के मामले सामने आए हैं।
- बैंक खाता आधार से लिंक न होना।
- आधार और दिव्यांगता प्रमाणपत्र में नाम या जन्मतिथि का अंतर।
- खाता बंद होना या निष्क्रिय होना।
- आवेदन का सत्यापन अधिकारी के स्तर पर लंबित रहना।
अगर पेंशन रुकी है तो अपने पोर्टल पर आवेदन की स्थिति देखें, बैंक में खाता और आधार लिंक की जांच करें और अपने जिले के संबंधित कार्यालय में आवेदन क्रमांक के साथ संपर्क करें।
फर्जी वेबसाइट और ठगी से बचें
पेंशन की खबरें फैलते ही कई फर्जी वेबसाइट और व्हाट्सऐप संदेश भी घूमने लगते हैं। इन बातों का ध्यान रखें:
- आवेदन केवल सरकारी पोर्टल या अधिकृत सेवा केंद्र से करें।
- कोई आपसे पेंशन मंजूर कराने के नाम पर पैसे मांगे तो सावधान हो जाएं।
- OTP, बैंक पिन या पासवर्ड किसी को न बताएं।
- अनजान लिंक पर आधार या बैंक की जानकारी न डालें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या 40 प्रतिशत दिव्यांगता पर अभी केंद्र की पेंशन मिलने लगी है? कैबिनेट ने 80 प्रतिशत की शर्त घटाकर 40 प्रतिशत करने का फैसला किया है, लेकिन इसे लागू करने के लिए नए दिशानिर्देश तीन महीने के भीतर आने हैं। तब तक आधिकारिक आदेश का इंतजार करें।
क्या उत्तर प्रदेश में पेंशन ₹1,500 हो गई है? अभी नहीं। यह प्रस्ताव है, जिसे सैद्धांतिक सहमति मिली है और कैबिनेट की अंतिम मंजूरी बाकी है। फिलहाल ₹1,000 की पेंशन ही चालू है।
मध्य प्रदेश में दिव्यांग पेंशन कितनी मिलती है? सरकारी जानकारी के अनुसार ₹600 प्रति माह।
क्या दिव्यांग बच्चों को भी पेंशन मिलेगी? केंद्र के नए नियम में न्यूनतम उम्र की शर्त हटाने की बात है, यानी जन्म से पात्रता मिल सकेगी। इसका पूरा तरीका आने वाले दिशानिर्देशों में स्पष्ट होगा।
निष्कर्ष
14 अक्टूबर 2026 का केंद्र का फैसला दिव्यांग पेंशन के दायरे को बड़ा करने वाला है, क्योंकि इसमें 40 प्रतिशत दिव्यांगता को पात्र माना गया है और उम्र की न्यूनतम सीमा हटाई गई है। लेकिन नियम अभी दिशानिर्देश आने के बाद लागू होंगे। उत्तर प्रदेश में ₹1,500 की पेंशन अभी प्रस्ताव है, और मध्य प्रदेश में फिलहाल ₹600 की पेंशन चालू है।
सबसे समझदारी भरा तरीका यह है कि अपने दस्तावेज तैयार रखें, आधार और बैंक खाते को लिंक रखें, ई-केवाईसी पूरी करें और केवल आधिकारिक पोर्टल से आवेदन करें।
अस्वीकरण
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है और यह किसी सरकारी विभाग या पोर्टल की ओर से जारी नहीं है। पेंशन की राशि, पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया सरकार के आदेश के अनुसार बदल सकती है। आवेदन करने से पहले उत्तर प्रदेश के लिए sspy-up.gov.in, मध्य प्रदेश के लिए socialsecurity.mp.gov.in और अपने जिले के संबंधित विभाग से ताजा जानकारी जरूर जांच लें। अंतिम सत्यापन की तारीख: 15 अक्टूबर 2026।






