Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana Notice: बिहार में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत ₹10,000 की राशि वापस मांगने वाला नोटिस सोशल मीडिया पर तेजी से फैला। इसके बाद कई लोगों के मन में सवाल उठा कि क्या योजना का पैसा सभी से वापस लिया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह नोटिस दरभंगा जिले के जाले प्रखंड में कुछ पुरुषों को भेजा गया था, जिनके Bank Account में तकनीकी चूक से यह राशि पहुंच गई थी।
योजना सिर्फ महिलाओं के लिए है, इसलिए पुरुषों के खाते में आया पैसा गलती माना गया। नोटिस जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधक की ओर से जारी हुआ और राशि जीविका के आधिकारिक बैंक खाते में लौटाने को कहा गया। यह पूरी जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित है, इसलिए आगे हर बात को उसी दायरे में समझें।
Table of Contents
- Notice at a Glance: मुख्य बातें
- योजना क्या है और ₹10,000 कैसे मिलता है
- नोटिस का पूरा घटनाक्रम
- किसे लौटाना होगा पैसा
- सरकार का रुख: क्या जबरन वसूली होगी
- Eligibility Checklist: असली पात्रता क्या है
- जरूरी Documents और आवेदन प्रक्रिया
- Official Contact और सावधानी
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- Last Updated और Disclaimer
Notice at a Glance: मुख्य बातें
| पहलू | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (MMRY), बिहार |
| Implementing Agency | BRLPS (जीविका), ग्रामीण विकास विभाग |
| पहली किस्त | ₹10,000 (Grant, DBT से) |
| बाद की मदद | मूल्यांकन के बाद अधिकतम ₹2,00,000 |
| नोटिस कहां आया | जाले प्रखंड, दरभंगा (बिहार) |
| नोटिस किसे गया | गलती से पैसा पाने वाले कुछ पुरुष खाताधारक |
| Official Portal | mmry.brlps.in |
योजना क्या है और ₹10,000 कैसे मिलता है
यह योजना महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने में मदद देने के लिए बनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 सितंबर 2025 को इसे लॉन्च किया और उसी दिन 75 लाख महिलाओं के खातों में कुल ₹7,500 करोड़ ट्रांसफर किए गए। पीएम इंडिया की प्रेस रिलीज में ₹10,000 को initial grant बताया गया है, यानी यह कर्ज नहीं है।
योजना में पहली किस्त के बाद व्यवसाय की प्रगति देखी जाती है। सरकारी जानकारी के अनुसार छह महीने बाद Assessment होता है और जरूरत होने पर अतिरिक्त सहायता अधिकतम ₹2 लाख तक दी जा सकती है। यह राशि “तय” नहीं है, इसलिए किसी वेबसाइट पर लिखी गई पक्की किस्तों की सूची पर भरोसा न करें।
नोटिस का पूरा घटनाक्रम
- 7 सितंबर 2025: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने योजना शुरू की और आवेदन पोर्टल लॉन्च किया।
- 26 सितंबर 2025: प्रधानमंत्री ने योजना का शुभारंभ किया, 75 लाख महिलाओं को पहली किस्त मिली।
- अक्टूबर से दिसंबर 2025: किस्तें चरणों में जारी हुईं। इसी दौरान कुछ पुरुषों के खातों में भी राशि पहुंचने की बात सामने आई।
- 13 दिसंबर 2025: राजद ने नोटिस का स्क्रीनशॉट X पर शेयर किया और सरकार पर निशाना साधा।
- 18 दिसंबर 2025: जीविका के CEO हिमांशु पांडे ने गलती मानी और साफ किया कि “coercive action” यानी जबरन वसूली नहीं होगी।
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने भी ऐसे ट्रांसफर की विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी और इसे चिंता का विषय बताया था।
किसे लौटाना होगा पैसा
| श्रेणी | स्थिति |
|---|---|
| पात्र महिला (जीविका SHG सदस्य) | ₹10,000 Grant है। उपलब्ध रिपोर्ट्स में इनके लिए वापसी नोटिस की पुष्टि नहीं मिली। |
| गलती से पैसा पाने वाले पुरुष | इन्हें नोटिस भेजा गया। राशि लौटाने या परिवार की पात्र महिला के नाम adjust कराने का विकल्प बताया गया। |
| दिव्यांग समूहों के पुरुष सदस्य | जीविका CEO के अनुसार 470 दिव्यांग पुरुषों के खाते में भी राशि गई। |
| Joint Account वाले मामले | CEO ने कुछ मामले बताए और कहा कि इसमें दिक्कत नहीं है। |
आंकड़ों में अंतर है। CEO के मुताबिक दरभंगा के 70 मामलों में से 12 लोगों को नोटिस गया, जबकि अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स में 12 से 15 लोगों का जिक्र है। इसलिए किसी एक संख्या को अंतिम मानना ठीक नहीं होगा।
सरकार का रुख: क्या जबरन वसूली होगी
जीविका CEO ने कहा कि इतनी बड़ी योजना में गलतियां संभव हैं और गलत खातों में गई राशि की वसूली के लिए सख्त कार्रवाई नहीं होगी। उनके अनुसार पुरुषों को पहला विकल्प यह दिया गया कि वे राशि अपने परिवार की पात्र महिला के पक्ष में adjust करा लें।
कुछ ग्रामीणों ने रिपोर्ट्स में बताया कि पैसा त्योहारों पर या पशु खरीदने में खर्च हो चुका है। ऐसे में ग्राम स्तर पर भ्रम और नाराजगी की बात भी सामने आई। यदि आपको नोटिस मिला है, तो घबराने के बजाय अपने प्रखंड के जीविका कार्यालय से लिखित जानकारी लें।
Eligibility Checklist: असली पात्रता क्या है
सरकारी जानकारी पोर्टल Vikaspedia के अनुसार योजना का लाभ इन शर्तों पर मिलता है:
- आवेदक महिला बिहार की स्थायी निवासी हो।
- आयु 18 से 60 वर्ष के बीच हो।
- महिला जीविका स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्य हो।
- एक परिवार की सिर्फ एक महिला को लाभ मिलेगा।
इन शर्तों से साफ है कि पुरुष इस योजना के पात्र नहीं हैं। इसी कारण उनके खाते में गई राशि को त्रुटि माना गया।
जरूरी Documents और आवेदन प्रक्रिया
Vikaspedia पर दी गई Documents की सूची इस प्रकार है:
- बिहार का निवास प्रमाण
- Aadhaar Card
- Bank Account Details
- मोबाइल नंबर
- हाल की रंगीन फोटो
- Business Details
आवेदन के लिए ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं नजदीकी ग्राम संगठन (VO) या जीविका कार्यालय से संपर्क करती हैं। वहां ग्राम संगठन की बैठक में प्राथमिक स्वीकृति मिलती है, फिर प्रखंड, जिला और BRLPS मुख्यालय से मंजूरी के बाद राशि खाते में आती है। शहरी महिलाओं के लिए पोर्टल mmry.brlps.in पर Online आवेदन की व्यवस्था है।
Official Contact और सावधानी
Vikaspedia पर BRLPS के संपर्क नंबर 0612-2504980 और 0612-2504960 दिए गए हैं। नंबर बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन या शिकायत से पहले mmry.brlps.in पर नवीनतम जानकारी जरूर देखें।
Expert Tip: राशि लौटाने या adjust कराने की प्रक्रिया सिर्फ अपने प्रखंड के जीविका कार्यालय से पक्की करें। किसी अनजान व्यक्ति के व्यक्तिगत खाते या UPI पर पैसा न भेजें। नोटिस की तारीख, पत्र की कॉपी और बैंक Statement संभालकर रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सभी लाभार्थियों से ₹10,000 वापस लिए जाएंगे? नहीं। उपलब्ध रिपोर्ट्स में नोटिस गलती से पैसा पाने वाले कुछ पुरुषों को गया है। पात्र महिलाओं के लिए ऐसे सामूहिक नोटिस की पुष्टि नहीं मिली।
क्या ₹10,000 कर्ज है? प्रधानमंत्री कार्यालय की प्रेस रिलीज में इसे initial grant बताया गया है।
नोटिस मिले तो क्या करें? अपने प्रखंड के जीविका कार्यालय में जाकर नोटिस की जांच कराएं और वापसी या adjustment का विकल्प लिखित में समझें।
क्या अब कोई नया ऑफिशियल नोटिस आया है? मुझे इस विषय पर दिसंबर 2025 के बाद नई सरकारी वसूली मुहिम की पुष्टि नहीं मिली। नई जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है और उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स व सरकारी सूचनाओं पर आधारित है। आवेदन से पहले या कोई भी राशि लौटाने से पहले official portal पर latest details जरूर check करें।





