PM Awas Yojana Gramin List 2026: गांव में पक्का घर बनवाने का सपना देख रहे हजारों परिवार हर साल एक ही सवाल पूछते हैं: “लिस्ट में हमारा नाम आया या नहीं?” अगर आपका नाम PM Awas Yojana Gramin (PMAY-G) की Beneficiary List में है, तो घर बनाने के लिए सरकार की तरफ से सीधे आपके Bank Account में पैसा भेजा जाता है। अच्छी बात यह है कि यह जांच आप मोबाइल या कंप्यूटर से घर बैठे कर सकते हैं। इस लेख में लिस्ट चेक करने की प्रक्रिया, पात्रता, सहायता राशि और नाम न मिलने पर उठाए जाने वाले कदम समझाए गए हैं।
विषय सूची (Table of Contents)
- PM Awas Yojana Gramin List 2026 क्या है
- योजना की ताजा स्थिति: मुख्य आंकड़े
- कितनी सहायता राशि मिलती है
- पात्रता: कौन लाभ ले सकता है और कौन नहीं
- PMAY-G List 2026 में नाम कैसे चेक करें
- Registration Number से Status कैसे देखें
- लिस्ट में कौन सी जानकारी दिखती है
- लिस्ट में नाम न हो तो क्या करें
- जरूरी सावधानियां
- Official Contact और Portal
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- Last Updated और Disclaimer
PM Awas Yojana Gramin List 2026 क्या है
PM Awas Yojana Gramin की शुरुआत 1 अप्रैल 2016 को हुई थी। इसका मकसद ग्रामीण इलाकों में कच्चे या जर्जर घरों में रहने वाले और बेघर परिवारों को Basic Amenities वाला पक्का घर उपलब्ध कराना है। केंद्र सरकार ने इस योजना को वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक आगे बढ़ाया है और इस दौरान 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने की मंजूरी दी गई है।
PMAY-G List उन परिवारों की सूची है जिन्हें घर के लिए चुना गया है। यह सूची Gram Panchayat के हिसाब से AwaasSoft पोर्टल पर सार्वजनिक रहती है। लाभार्थियों की पहचान SECC 2011 डेटा और Awaas+ सर्वे से होती है, यानी अलग से आवेदन करने की व्यवस्था नहीं है।
योजना की ताजा स्थिति: मुख्य आंकड़े
लोकसभा में ग्रामीण विकास मंत्रालय की जानकारी के अनुसार 3 अगस्त 2026 तक की स्थिति यह है।
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| राज्यों और UTs को आवंटित कुल लक्ष्य | 4.18 करोड़ घर |
| अब तक स्वीकृत (Sanctioned) घर | 3.91 करोड़ |
| पूरे हो चुके घर | 3.12 करोड़ |
| निर्माणाधीन स्वीकृत घर | 79 लाख |
कितनी सहायता राशि मिलती है
| क्षेत्र | प्रति इकाई सहायता |
|---|---|
| मैदानी क्षेत्र | ₹1.20 लाख |
| पूर्वोत्तर राज्य, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख | ₹1.30 लाख |
इसके अलावा लाभार्थी को कुछ और सुविधाएं भी मिलती हैं:
- Swachh Bharat Mission (Gramin) के साथ तालमेल में शौचालय के लिए ₹12,000 तक की सहायता
- MGNREGA के तहत घर निर्माण के लिए 90/95 दिन की अकुशल मजदूरी
- इच्छुक लाभार्थी के लिए ₹70,000 तक का संस्थागत लोन, जिस पर ब्याज दर 3 प्रतिशत कम रखने का प्रावधान है
- घर का न्यूनतम आकार 25 वर्ग मीटर, जिसमें रसोई के लिए अलग साफ-सुथरी जगह शामिल है
राशि DBT से Aadhaar-linked Bank या Post Office खाते में आती है, ज्यादातर मामलों में 3 या 4 किस्तों में।
पात्रता: कौन लाभ ले सकता है और कौन नहीं
PMAY-G में चयन उन परिवारों का होता है जो बेघर हैं या जिनका घर कच्ची दीवार और कच्ची छत वाला है, या घर में शून्य, एक या दो कमरे हैं। 2024 में Exclusion Criteria को 13 से घटाकर 10 किया गया और मासिक आय सीमा ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 कर दी गई।
Checklist: इन परिवारों को योजना से बाहर रखा जाता है
- जिस परिवार की मासिक आय ₹15,000 से ज्यादा है
- जो परिवार Income Tax देता है
- जिनके पास Motorised तीन या चार पहिया वाहन है
- जिनके पास Mechanised तीन या चार पहिया कृषि उपकरण है
- जिनके पास ₹50,000 या उससे ज्यादा लिमिट का Kisan Credit Card है
अब मोटर वाला दोपहिया वाहन, मोटर वाली मछली पकड़ने की नाव, फ्रिज और लैंडलाइन फोन होने से परिवार अपात्र नहीं माना जाता।
PMAY-G List 2026 में नाम कैसे चेक करें
लिस्ट देखने का सबसे सीधा तरीका AwaasSoft के Social Audit Reports से है। इसे इन चरणों में करें।
Step 1: अपने ब्राउज़र में PMAY-G का Official Portal pmayg.nic.in खोलें।
Step 2: मेन्यू में Awaassoft पर क्लिक करें और Report चुनें।
Step 3: Social Audit Reports सेक्शन में Beneficiary Details for Verification पर क्लिक करें।
Step 4: अपना State, District, Block और Gram Panchayat चुनें। साथ ही स्कीम और वित्त वर्ष का विकल्प भी भरें।
Step 5: स्क्रीन पर दिख रहा Captcha Code डालें और Submit करें।
Step 6: आपकी ग्राम पंचायत की पूरी लिस्ट खुल जाएगी। उसमें अपना या अपने परिवार के सदस्य का नाम खोजें।
Registration Number से Status कैसे देखें
अगर आपके पास Registration Number है, तो पूरी लिस्ट खंगालने की जरूरत नहीं है।
- pmayg.nic.in पर जाएं और Stakeholders मेन्यू खोलें।
- IAY/PMAYG Beneficiary विकल्प चुनें।
- अपना Registration Number डालें और Search करें।
- आपका नाम, स्वीकृति की स्थिति और घर के निर्माण का Stage स्क्रीन पर दिख जाएगा।
Registration Number याद न हो तो Gram Panchayat या ब्लॉक कार्यालय से पता करें।
लिस्ट में कौन सी जानकारी दिखती है
लिस्ट में गांव का नाम, Registration Number, लाभार्थी और पिता या पति का नाम, Sanction Number, स्वीकृत राशि, किस्त की स्थिति और घर की मौजूदा स्थिति दिखती है। घर के हर Stage की फोटो AwaasApp से Geo-tag होती है, इसलिए फोटो समय पर अपलोड कराएं।
लिस्ट में नाम न हो तो क्या करें
नाम न दिखने का मतलब हमेशा यह नहीं कि आप अपात्र हैं। कई बार नाम अभी Permanent Wait List (PWL) में होता है और स्वीकृति बाकी रहती है। ऐसे में ये कदम उठाएं:
- अपनी Gram Panchayat या ब्लॉक कार्यालय में पूछें कि आपके परिवार का Survey हुआ है या नहीं।
- जहां नया Awaas+ 2024 सर्वे चल रहा हो, वहां Awaas+ 2024 मोबाइल ऐप के जरिए Self-Survey की सुविधा का लाभ लें।
- Gram Sabha की बैठक में अपनी बात रखें, क्योंकि अंतिम सूची वहीं से Verify होती है।
- जरूरत पड़े तो ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) को लिखित शिकायत दें।
Expert Tip: हर किस्त के लिए Aadhaar और Bank खाते की Seeding पहले से ठीक करा लें। खाता Aadhaar से लिंक न होने पर DBT अटक सकता है।
जरूरी सावधानियां
लिस्ट और स्थिति देखना बिल्कुल मुफ्त है। नाम जुड़वाने या पैसा जल्दी निकलवाने के नाम पर कोई रिश्वत मांगे, तो पैसा न दें और शिकायत करें। केवल सरकारी पोर्टल, Gram Panchayat और ब्लॉक कार्यालय की जानकारी पर भरोसा करें।
Official Contact और Portal
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| Official Website | pmayg.nic.in |
| Reports और लिस्ट | Awaassoft, Social Audit Reports |
| Helpline | 1800-11-6446 |
| स्थानीय संपर्क | Gram Panchayat, ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या PMAY-G के लिए अलग से आवेदन करना पड़ता है? नहीं। लाभार्थियों का चयन SECC 2011 और Awaas+ सर्वे के आधार पर बनी सूची से होता है। जहां नया सर्वे चल रहा हो, वहां सर्वे में नाम दर्ज कराना जरूरी है।
PMAY-G और PMAY-Urban में क्या फर्क है? PMAY-G ग्रामीण क्षेत्रों के लिए है, जबकि शहरी क्षेत्रों के लिए अलग योजना और अलग पोर्टल है।
Disclaimer
Disclaimer: आवेदन से पहले Official Portal पर Latest Details जरूर Check करें। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। लिस्ट, राशि और नियम राज्य के हिसाब से और समय के साथ बदल सकते हैं।





